भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ आवंटित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.5% अधिक है। इससे साफ है कि देश रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.27 लाख करोड़ तक पहुंचा, जबकि निर्यात ₹21,083 करोड़ का रहा।

HAL के शेयर ने दिखाई ताकत
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों ने हाल ही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का शेयर भाव ₹4,928 प्रति शेयर पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद भाव से 0.84% अधिक है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब ₹3.27 लाख करोड़ के स्तर पर है।
HAL की बड़ी योजनाएं
HAL ने आने वाले वर्षों के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू करने की योजना बनाई है:
- डोर्नियर विमान सौदा: 2025 तक ₹2,000 करोड़ के इस आर्डर को फाइनल करने की तैयारी है।
- सुखोई-30 अपग्रेड: 84 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए ₹65,000 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।
- नए हेलिकॉप्टर: पहला लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) वित्त वर्ष 2028 तक लॉन्च हो सकता है।
- अनुसंधान और विकास: अगले 5 वर्षों में HAL ₹7,000 करोड़ R&D पर खर्च करेगा।
HAL का निवेश और उत्पादन विस्तार
HAL अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भारी निवेश कर रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 से 2029 के बीच ₹14,000-15,000 करोड़ के कुल पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना बनाई है। इसके अलावा, HAL निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश कर रहा है:
| निवेश क्षेत्र | राशि (₹ करोड़ में) |
|---|---|
| कुल कैपेक्स (FY25-FY29) | 14,000-15,000 |
| नई आइसोथर्मल प्रेस | 600 |
| IMRH कार्यक्रम (R&D) | 4,000 |
| यूटिलिटी हेलिकॉप्टर मरीन | 2,000 |
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां शुरू की हैं। HAL जैसी कंपनियां इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1,89,300 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है।
निष्कर्ष
भारतीय रक्षा क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और HAL इस विकास का प्रमुख हिस्सा है। सरकारी समर्थन, मजबूत ऑर्डर बुक और नई परियोजनाओं के साथ कंपनी का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है। हालांकि, निवेशकों को बाजार के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिए।
मुख्य बिंदु:
- भारत का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ तक पहुंचा।
- HAL का ऑर्डर बुक ₹1.89 लाख करोड़ के स्तर पर है।
- सुखोई अपग्रेड और नए हेलिकॉप्टर जैसी बड़ी परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं।
- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार की ओर से मजबूत समर्थन।





