₹5,400 करोड़ के बैटरी बजट से इन बेस्ट Battery Stock को मिलेगा तगड़ा फायदा, जाने सबका नाम

Sumit Patel

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अगर आपने कभी सोलर या विंड एनर्जी के बारे में सुना है, तो एक सवाल जरूर मन में आता होगा, “जब सूरज नहीं चमकेगा या हवा नहीं चलेगी, तो बिजली कैसे आएगी?” इसका जवाब अब मोदी सरकार ने ढूंढ लिया है। केंद्र सरकार ने 5,400 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है, जिसका मकसद बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को बढ़ावा देना है। यह सिस्टम क्या है, यह कैसे काम करेगा, और इससे किन कंपनियों को फायदा होगा? आइए विस्तार से समझते हैं।

Best Battery Energy Storage Stocks

बैटरी स्टोरेज

भारत ने 2030 तक 393 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा (सौर + पवन) का लक्ष्य रखा है। लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा की एक बड़ी कमी यह है कि यह अनियमित होती है। दिन में सोलर पावर मिलती है, रात में नहीं। पवन ऊर्जा भी कभी तेज, कभी कमजोर होती है। यहीं पर BESS काम आता है। यह एक विशाल बैटरी सिस्टम है जो अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके रखता है और जरूरत पड़ने पर ग्रिड को सप्लाई करता है।

  • 30 GWh स्टोरेज क्षमता बनाई जाएगी (25 GWh राज्यों के लिए, 5 GWh NTPC के लिए)।
  • 18 लाख रुपये प्रति MWh सब्सिडी कंपनियों को मिलेगी।
  • ISTS चार्ज में छूट जून 2028 तक, यानी ट्रांसमिशन लागत कम होगी।

यह योजना इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

  • जून 2025 में बिजली की मांग 241 GW तक पहुंच चुकी है। गर्मियों में यह 270 GW तक जा सकती है।
  • 24/7 स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति होगी, सौर और पवन ऊर्जा को स्टोर करके बाद में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • डिस्कॉम को फायदा, अब वे स्थिर और कम लागत वाली बिजली की आपूर्ति कर पाएंगे।

किन कंपनियों को मिलेगा लाभ?

सरकार की यह योजना पावर, बैटरी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सीधा फायदा पहुंचाएगी। कुछ प्रमुख कंपनियां जो इससे लाभान्वित हो सकती हैं:

कंपनीलाभ का कारण
NTPCसीधे 5 GWh का आवंटन + स्टोरेज प्रोजेक्ट्स।
एक्साइड, अमरा राजाबैटरी निर्माण में अग्रणी कंपनियां।
हिताची एनर्जीउन्नत BESS सॉल्यूशन प्रदाता।
ओरियाना पावरसोलर + स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में मजबूत उपस्थिति।

स्टॉक मार्केट पर क्या प्रभाव?

यह योजना लॉन्ग-टर्म गेम-चेंजर साबित हो सकती है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर फोकस बढ़ेगा, और बैटरी स्टोरेज स्टॉक्स में गति आ सकती है। EPC कंपनियां (जैसे टाटा पावर, सुजलॉन) भी लाभ उठा सकती हैं क्योंकि स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के साथ निर्माण कार्य भी होगा।

निष्कर्ष

मोदी सरकार का यह कदम स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देगा। अगर आप स्टॉक मार्केट को फॉलो करते हैं, तो बैटरी, सोलर और पावर सेक्टर पर नजर रखें। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के बजाय लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है।

   
           
   
               
           

मेरा नाम सुमित पटेल है, मैं आर्टिकल राइटिंग के क्षेत्र में पिछले 2 सालों से कार्यरत हूं। शेयर मार्केट के साथ ही साथ मैं टेक, रोजगार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी भी रखता हूं। अगर आपको मेरे द्वारा लिखे गए लेख पसंद आते हैं या फिर कोई त्रुटि नजर आती है, तो कमेंट करके हमें उसकी जानकारी जरूर दें। धन्यवाद!