अगर आप भी उन निवेशकों में से हैं जो छोटी कंपनियों में बड़े मौके ढूंढते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।Consolidated Construction Consortium Ltd (CCCL), जिसका मार्केट कैप महज ₹854 करोड़ है, ने हाल ही में ₹200.13 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। ये ऑर्डर उसके Buildings & Factories (B&F) वर्टिकल के तहत हैं और FY26 तक पूरे किए जाएंगे।

CCCL का क्या है बिजनेस?
CCCL एक टर्नकी कंस्ट्रक्शन कंपनी है, यानी यह बिल्डिंग डिजाइन से लेकर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट तक का काम करती है। इसका मुख्य फोकस फैक्ट्रियाँ, कॉमर्शियल बिल्डिंग्स और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर है। 1997 में स्थापित यह कंपनी अब तक 21 राज्यों में 950+ प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है!
नए ऑर्डर से क्या बदलेगा?
- ₹200.13 करोड़ के ये नए ऑर्डर पूरे भारत में 17 लाख sq. ft. की कंस्ट्रक्शन के लिए हैं।
- ये ऑर्डर BOQ (Bill of Quantity) आधारित हैं, यानी कंपनी को हर आइटम के हिसाब से पेमेंट मिलेगा।
- FY26 तक काम पूरा होने से अगले 1-2 साल में रेवेन्यू स्टेबल रहेगा।
फाइनेंशियल हालत
CCCL की फाइनेंशियल कंडीशन पिछले कुछ सालों में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन हाल के रिजल्ट्स में सुधार दिख रहा है:
| पैरामीटर | FY24 | FY25 | चेंज |
|---|---|---|---|
| सेल्स | ₹131 Cr | ₹182 Cr | +39% |
| ऑपरेटिंग लॉस | ₹619 Cr | ₹54 Cr | कमी |
| नेट प्रॉफिट | ₹673 Cr* | ₹88 Cr | गिरावट |
क्या यह अच्छा संकेत है?
- सेल्स बढ़ रही हैं और ऑपरेटिंग लॉस कम हुआ है, जो कंपनी के कॉस्ट मैनेजमेंट में सुधार दिखाता है।
- डेट भी कम हुआ है, मतलब कंपनी फाइनेंशियली स्टेबल होने की कोशिश कर रही है।
शेयर प्राइस
आज CCCL का शेयर ₹19 पर ट्रेड कर रहा है, जो इंट्राडे में ₹20.03 तक भी पहुँचा था। पिछले 1 साल में यह शेयर लगभग 30% ऊपर है, लेकिन अभी भी यह एक लो-प्राइस स्टॉक है।
क्या रिस्क है?
- कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है।
- अगर प्रोजेक्ट्स टाइम पर पूरे नहीं होते, तो प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर क्या?
CCCL एक छोटी कंपनी है, लेकिन नए ऑर्डर और सेल्स ग्रोथ के साथ यह मिड-टर्म में अच्छा रिटर्न दे सकती है। हालाँकि, इसमें रिस्क भी है, इसलिए अगर आप इसमें इन्वेस्ट करना चाहते हैं, तो खुद रिसर्च करें या एक्सपर्ट की सलाह लें।





